Monday, October 8, 2018

सीसीटीवी कैमरे

दादाजी: जब मैं तुम्हारी उम्र का था, मैं
दो रुपये के साथ बाजार  जाता था और
साबुन, चावल,
दूध, रोटी, घी, चेहरा पाउडर आदि घर ले कर आता था।
पोते: आजकल यह मुश्किल है।
हर जगह सीसीटीवी कैमरे हैं।

Friday, September 28, 2018

खुशियाँ कम और अरमान बहुत हैं ।

*खुशियाँ कम और अरमान बहुत हैं ।*
*जिसे भी देखो परेशान बहुत है ।।*

*करीब से देखा तो निकला रेत का घर ।*
*मगर दूर से इसकी शान बहुत है ।।*

*कहते हैं सच का कोई मुकाबला नहीं ।*
*मगर आज झूठ की पहचान बहुत है ।।*

*मुश्किल से मिलता है शहर में आदमी ।*
*यूं तो कहने को इन्सान बहुत हैं ।।* 
  *

Wednesday, September 5, 2018

विफलता सफलता

हर विफलता एक पाठ है। यदि आप असफल होने के लिए तैयार नहीं हैं तो आप सफल होने के लिए तैयार नहीं हैं

दुर्घटना या विकल्प

नीचे गिरना एक दुर्घटना है। नीचे पड़े रहना एक विकल्प है।

सीसीटीवी कैमरे

दादाजी: जब मैं तुम्हारी उम्र का था, मैं दो रुपये के साथ बाजार  जाता था और साबुन, चावल, दूध, रोटी, घी, चेहरा पाउडर आदि घर ले कर आता था। पोते:...